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पटना.दुर्गापूजा, दीपावली और छठ के पहले आने वाली ट्रेनों में और पूजा के बाद वापसी की ट्रेनों में जगह नहीं है। ऐसे में पूजा के दौरान घर आने वाले परदेसी बिहारियों के परिजन चिंतित हैं। हालांकि रेलवे का दावा है यात्रियों को आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। देश के सभी प्रमुख स्टेशनों से पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी है। साथ ही 24 बोगी से कम की ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने की तैयारी है। जरूरत के अनुसार क्लोन ट्रेन चलाने की भी योजना है। इन स्पेशल ट्रेनों का शिड्यूल हुआ जारी...
- 03044 रक्सौल-आसनसोल 8 अक्टूबर से 16 नवंबर तक हर शनिवार को
- 03043 हावड़ा-रक्सौल 7 अक्टूबर से 4 नवंबर तक हर शुक्रवार को
- 03042 रक्सौल-हावड़ा अनारक्षित 8 अक्टूबर से 5 नवंबर तक हर शुक्रवार
- 03041 हावड़ा-रक्सौल 7 अक्टूबर से 4 नवंबर तक हर गुरुवार को
- 03512 पटना-आसनसोल 9 अक्टूबर से 13 नवंबर तक हर रविवार को
- 03511 आसनसोल-पटना 9 अक्टूबर से 13 नवंबर तक हर रविवार को
- 03586 जयनगर-आसनसोल 8 नवंबर से 15 नवंबर तक हर मंगलवार को
- 03585 कोलकाता-जयनगर 7 नवंबर से 14 नवंबर तक हर सोमवार को
- 82403 बरौनी-नई दिल्ली सुविधा स्पेशल 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक बुधवार व शनिवार को
- 82404 नई दिल्ली-बरौनी सुविधा स्पेशल 30 सितंबर से 29 नवंबर तक मंगलवार व शुक्रवार को
- 82405 दरभंगा-दिल्ली सुविधा स्पेशल 30 सितंबर से 29 नवंबर तक मंगलवार और शुक्रवार को
- 82406 दिल्ली-दरभंगा सुविधा स्पेशल 29 सितंबर से 28 नवंबर तक सोमवार व गुरुवार को
- 01660 गया-हबीबगंज 24 व 29 सितंबर को
- 01659 हबीबगंज-गया 21 व 26 सितंबर व 1 अक्टूबर को
- 01710 गया-जबलपुर 22 व 27 सितंबर और 2 अक्टूबर को
- 05527 जयनगर-आनंद विहार 1 नंवबर तक
- 05528 आनंद विहार जयनगर 2 नवंबर तक
- 01718 पटना-कोटा, 01717 कोटा-पटना का भी परिचालन होगा, तिथि तय होना बाकी है
- 01702 पटना-जबलपुर व 01701 जबलपुर-पटना का परिचालन होगा पर तिथि तय नहीं
- 05513 दरभंगा-एलटीटी 20 सितंबर से 1 नवंबर तक हर मंगलवार को
- 05514 एलटीटी-दरभंगा 22 सितंबर से 3 नवंबर तक हर गुरुवार को
क्या है क्लोन ट्रेन
पहले से चल रही रेगुलर ट्रेनों के नाम पर स्क्रैच रैक से तैयार रैक को क्लोन ट्रेन कहा जाता है। सीपीआरओ अरविंद कुमार रजक के अनुसार यह ट्रेन उस ट्रेन के खुलने के आधे से एक घंटे बाद खुलेगी। रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर क्लोन ट्रेन चलाने की पॉलिसी तय कर रखी है।

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पटना.बिहार सरकार के 44 विभागाें में सचिवालय सहायकों के लगभग एक-तिहाई पद खाली हैं। सरकार ने सचिवालय सेवा में 375 पदों पर सीधी नियुक्ति के लिए राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजी है। सचिवालय सेवा में सहायकों की सीधी नियुक्ति के लिए विज्ञापन में पहली बार 35 प्रतिशत पद महिलाओें के आरक्षित होंगी। सचिवालय सेवा संवर्ग में 3300 पदों में सहायकों के लगभग 2900 पद स्वीकृत हैं। बढ़ेगी महिला कर्मियों की संख्या...
राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा द्वितीय स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम आने पर सचिवालय सहायकों के 365 पदों पर सीधी नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा। आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा ली जा चुकी है। इसके परिणाम आने का इंतजार है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अनुसूचित जाति व जनजाति के कर्मियों को प्रोन्नति में आरक्षण के बिना अन्य कर्मियों को प्रोन्नति दिए जाने से लगभग सचिवालय सेवा में सहायकों के 875 पद खाली हैं। 1 अप्रैल, 2016 को खाली 375 पदों को भरने के लिए जून में राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजी गई है। उसके बाद अब तक 200 से अधिक पद खाली हो गए हैं। अब अगले वर्ष 15 अप्रैल को खाली होने वाले पदों को भरने के लिए अधियाचना भेजी जाएगी। अनुमान किया जा रहा है कि दिसंबर तक खाली पद और बढ़ जाएंगे।
35 प्रतिशत आरक्षण से बढ़ेगी महिला कर्मियों की संख्या
महागठबंधन सरकार द्वारा महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण लागू किए जाने से सचिवालय में महिलाकर्मियों की संख्या बढ़नी तय है। पहले सिर्फ कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण लागू होने के कारण सचिवालय में मुश्किल से 10 प्रतिशत महिला कर्मी हैं।
सुप्रीम कोर्ट में प्रोन्नति में आरक्षण पर 10 जनवरी को सुनवाई
उधर, अनुसूचित जाति व जनजाति कर्मियाें को प्रोन्नति में आरक्षण संबंधी मामले में सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की अपील याचिका पर अगले वर्ष 10 जनवरी को सुनवाई की तिथि तय है। आरक्षण का लाभ लेकर प्रोन्नत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जाति के कर्मियों के लिए यथा स्थिति बनाए रखते सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने अपील याचिका दायर की है। खंडपीठ में प्रारंभिक सुनवाई हुई है।
पटना हाईकोर्ट द्वारा प्रोन्नति में आरक्षण संंबंधी मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के आधार पर विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक पर लगी रोक पर आपत्ति किए जाने पर सरकार ने इस वर्ष 1 अप्रैल को विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक करने की छूट दे दी। इसके बाद विभिन्न विभागाें में प्रोन्नति से भरे जाने वाले 10 हजार से अधिक पदों पर प्रोन्नति देने की कार्रवाई हुई है।

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पटना.वाहे गुरुजी का खालसा-वाहे गुरुजी की फतह के जयघोष के साथ शुरू हुए पहले अंतरराष्ट्रीय सिख सम्मेलन में देश में जातिवाद, सांप्रदायिकता और असहिष्णुता में बढ़ोतरी का मामला उठा। गुरुवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। जानिए सम्मेलन में बादल ने और क्या चिंता उठाई...

- नीतीश ने बिहार से देश को सद्भाव और सहिष्णुता का संदेश देने की बात की तो बादल ने जातिवाद, भेदभाव और सांप्रदायिकता में बढ़ोतरी पर चिंता जताई।
- हालांकि दोनों नेताओं ने समाज में सहिष्णुता और धर्मनिरपेक्षता की धारा को मजबूत बनाने के लिए गुरु गोविंद सिंह की शिक्षा को सबसे उपयोगी बताया।
- नीतीश ने कहा कि हर धर्म और संप्रदाय के लिए बिहार का महत्व है। जैनधर्म के प्रवर्तक महावीर का पूरा जीवन बिहार में गुजरा। भगवान बुद्ध को ज्ञान बिहार के बोधगया में मिला।
- वैशाली में उन्होंने महिला को संघ में शामिल कर महिला सशक्तीकरण का उदाहरण पेश किया। यह मगध साम्राज्य की राजधानी थी।
- बिहार अशोक, चंद्रगुप्त, आर्यभट्ट, चाणक्य और वाल्मीकि की धरती है। बिहार में सभी धर्म के लोगों साथ रहते हैं। 350वें प्रकाश पर्व पर बिहार से पूरी दुनिया में सद्भाव का संदेश फैलेगा।

इस समय सीएम होना गुरु की कृपा
- नीतीश ने कहा कि जब वे छात्र थे तब 300वें प्रकाशोत्सव का आयोजन हुआ था। उस साल भयंकर अकाल की स्थिति थी।
- इसे लेकर रिलीफ फंड का गठन किया गया था। बिहार सरकार इस बार भव्य आयोजन करेगी। बिहार गरीब है लेकिन अतिथि सत्कार में कोई कमी नहीं होगी।
- सम्मेलन में आने वाला हर व्यक्ति बिहार सरकार की बजाए पूरे बिहार के अतिथि हैं। प्रकाश पर्व के आयोजन के समय सरकार की कमान मेरे हाथों में होना मुझ पर गुरु की कृपा है।
- बादल ने कहा कि बिहार पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण प्रदेश है। यहीं के जयप्रकाश नारायण ने आजाद भारत में इमरजेंसी के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
- हमारे लिए यह आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ने जैसा था। इसमें शिरोमणि अकाली दल ने भी बढ़-चढ़ का हिस्सा लिया।
- गुरुगोविंद सिंह को संत सैनिक बताते हुए उन्होंने कहा कि गुरुजी में गजब की नेतृत्व क्षमता थी।
- उन्होंने निराश हो चुके देशवासियों में राष्ट्रीयता की भावना जगाई। बादल ने कहा कि देश को धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद का ज्ञान गुरुवाणी से ही मिला है।
उठी सिख सर्किट बनाने की मांग
- अंतरराष्ट्रीय सिख सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बिहार में सिखों के धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ने के लिए सिख सर्किट बनाने की मांग जोर-शोर से उठी।
- केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री एस.एस. अहलुवालिया ने कहा कि पंजाब के बाद सबसे बड़ा सिख सर्किट बिहार में बन सकता है।
- राज्य सरकार ऐसे सभी स्थानों की पहचान कर उनका विकास करे। गुरु नानक देव, गुरु तेग बहादुर और गुरु गोविंद सिंह से जुड़े अनेक स्थान बिहार में हैं।
- गुरु नानक सोनपुर, लालगंज, राजगीर, नालंदा समेत कई स्थानों पर गए थे।
- राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष तारलोचन सिंह ने कहा कि बिहार में पर्यटन के विकास के लिए पटना साहिब सोने की खान साबित हो सकता है।
- बिहार में लाखों लोग आएंगे। प्रकाश पर्व का आयोजन जितना भव्य होगा बिहार को उतना ही लाभ होगा। हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन से पटना साहिब तक का रास्ता आसान होना चाहिए।
गुरुनानक भवन के लिए बादल ने दिए 10 करोड़

- प्रकाश पर्व के अवसर पर पटना में गुरु नानक भवन का निर्माण कराया जा रहा है।
- इसका उपयोग पटना साहिब आने वाले यात्रियों ठहराने के लिए किया जाएगा।
- इसके लिए पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल ने 10 करोड़ रुपए दिए हैं।
- प्रकाश सिंह बादल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सहायता राशि का चेक सौंपा।

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पटना/गया.बिहार के गया में पुलिस ने रेडलाइट एरिया में छापा मारकर 16 लड़कियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यहां से सेक्स रैकेट में शामिल 3 लोगों को भी हिरासत में लिया है। बता दें कि गया के सराय रोड से पिछले कई दिनों से पुलिस को सेक्स रैकेट चलाने की जानकारी मिल रही थी। एक संस्था की सूचना पर पुलिस ने यहां छापा मारा। आपत्तिजनक स्थिति में मिले कई युवक...
- पुलिस के छापा मारते ही सराय रोड के मार्केट में भगदड़ मच गई। पुलिस से बचने के लिए सेक्स रैकट में शामिल लोग भागने लगे।
- घर के अंदर पुलिस ने कई लोगों को लड़कियों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया है।
- सेक्स रैकेट चलानेवाले लोगों ने घर के बाहर म्यूजिक की कई दुकानें लगा रखी थी।
- रेड लाइट एरिया से पकड़े गए सभी लड़कियों को कोतवाली थाना लाया गया है।
- पुलिस के मुताबिक सेक्स रैकेट में शामिल सभी लड़कियों की उम्र 25 से 30 साल के बीच है।
- पकड़ी गई लड़कियों को गया के कोतवाली थाने में काउंसलिंग की जा रही है।
शिकायत पर हुई छापामारी
- महिला उत्पीड़न के खिलाफ काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था ‘एक किरण-आरोह’ की शिकायत पर पुलिस ने रेडलाइट एरिया में छापा मारा था।।
- रेड के दौरान संस्था के निदेशक मनोज कुमार तथा अध्यक्ष ऋतु प्रिया भी साथ थे।
- पकड़ी गई युवतियों को कई राज्यों से लाया गया है। ज्यादतर लड़कियां पं. बंगाल और असम की रहनेवाली है।
पहले भी हाे चुकी है कार्रवाई
- बता दें कि गया के इस इलाके में पुलिस पहले भी कई बार कार्रवाई कर चुकी है।
- पुलिस लगातार सराय रोड में रेड करते रही है। कार्रवाई के बाद कुछ दिनों तक सेक्स रैकेट का धंधा बंद हो जाता है।
- लेकिन, कुछ दिनों बाद फिर धीरे-धीरे सेक्स रैकेट का धंधा शुरू हो जाता है।

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पटना.उड़ी में शहीद बिहार के पीरो निवासी अशोक सिंह की पत्नी संगीता देवी ने राज्य सरकार के 5 लाख रु. लेने से मना कर दिया। बिहार सरकार की ओर से चेक लेकर मंत्री जय कुमार सिंह गए थे। संगीता ने मंत्री से कहा- ‘अगर हम चेक लेते हैं तो यह बिहार की तौहीन होगी। सरकार हमें भीख नहीं दे रही। मेरे पसीने की कमाई में से ही मेरा हक दे रही है। मेरा पति शहीद हुआ है। वह शराब पीकर या नाले में गिरकर नहीं मरा। बगल का राज्य यूपी 20 लाख रु. दे रहा है। झारखंड अपने शहीदों को 10 लाख दे रहा है। हमारा बिहार इतना गंदा नहीं है।’ फिर सरकार ने दिया 11 लाख रुपए का चेक...
- संगीता के सवाल पर मंत्री ने तत्काल पटना बात की। माना जा रहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को स्थिति की जानकारी दी।
- इसके घंटेभर बाद संगीता को 11 लाख रु. का चेक सौंपा गया।
- बिहार सरकार ने एलान भी कर दिया कि सूबे के बाकी तीन शहीदों के परिजनों को भी 11-11 लाख रुपए की मदद की जाएगी। शाम चार बजे कैबिनेट ने फैसले पर मुहर लगा दी।
शहीद की पत्नी ने कहा- बिहार सरकार भिखारी है
- संगीता ने सोमवार को कहा था, ''हमको और कुछ नहीं चाहिए। मेरे पति और 17 जवानों की शहादत का बदला चाहिए। पाकिस्तान बार-बार वार करता है, उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर मारो।’’
- बता दें कि बिहार के ही गया के रहने वाले नायक एसके विद्यार्थी भी उड़ी हमले में शहीद हुए हैं। उनकी बेटी ने कहा था, ''मोदीजी! पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से दो।''
मुआवजे की रकम: सोशल मीडिया पर उड़ रहा नीतीश का मजाक
- नीतीश ने जैसे ही शहीदों के लिए मुआवजे का एलान किया, सोशल मीडिया पर लोगों ने कमेंट करना शुरू कर दिए।
- एक यूजर ने लिखा- 5 लाख तो शहाबुद्दीन की रिहाई पर जश्न मनाने में खर्च कर दिए आपके लालटेन वाले मित्र ने। ये भी रख लीजिए। अगली बार काम आ जाएंगे।
- एक ट्वीट में कहा गया- वोट बैंक होता तो शायद अखिलेश जी की तरह 20-25 लाख और फ्लैट दे देते। ये तो सैनिक हैं। इनका काम ही देश के लिए जान देने का है।
- एक और यूजर ने कहा- शराब पीकर मरने वाले को 4 लाख और देश की रक्षा करने वाले शहीदों को 5 लाख...?

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गया.जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में रविवार को आतंकी हमले में शहीद हुए गया के सुनील कुमार विद्यार्थी की बेटियों ने हौसले की मिसाल पेश की है। पिता के शहीद होने के बाद बच्चियों के आंसू थम नहीं रह थे, लेकिन पढ़ाई की भी चिंता थी। घर में गमगीन माहौल के बाद भी ये बेटियां एग्जाम देने स्कूल पहुंचीं।प्रिंसिपल भी हैरान...
- सोमवार को डीएवी मेडिकल स्कूल में शहीद सुनील की तीनों बेटियां आरती, अंशु और अंशिका एग्जाम ने पहुंचीं। इन बच्चियों को देख प्रिंसिपल आशीष कुमार भी हैरान थे। वह तीनों के पास गए और उन्हें सांत्वना दी।
- स्कूल मैनेजमेंट ने इन बच्चियों का सोमवार काे एग्जाम तो लिया, लेकिन आने वाले पेपर्स में उन्हें गैरहाजिर रहने की छूट दे दी। इनके लिए अब अलग से एग्जाम कंडक्ट किया जाएगा।
छुट्टी पर घर आने वाले थे सुनील
- सुनील बोकनारी के रहने वाले थे, जहां मातम पसरा है। उन्होंने 1998 में आर्मी ज्वॉइन की थी। शहीद की पत्नी ने बताया- दो दिन पहले ही सुनील से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि दशहरे की छुट्टी मंजूर हो गई है। 3 महीने पहले ही उनकी पोस्टिंग जम्मू हुई थी। सुनील की तीन बेटियां और 2 साल का एक बेटा है।
उड़ी हमले में 18 जवान शहीद
- रविवार को उड़ी में आर्मी पर हुए सबसे बड़े हमले में अब तक 18 जवान शहीद हो चुके हैं। पाकिस्तान से आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर यह हमला किया था। मारे गए आतंकियों के पास मिले सामान से ये साफ हो गया है कि हमला पाकिस्तान की साजिश था।
- न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सर्च ऑपरेशन के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से हथियार बरामद किए गए हैं। इन सभी हथियारों पर पाकिस्तान आर्मी की मार्किंग है।
- इनके अलावा कुछ लिटरेचर है जो पश्तो भाषा में है। ये सभी सबूत डीजीएमओ लेवल की बातचीत में पाकिस्तान को दिए जाएंगे।
टेंट में जल गए थे 13 जवान
- हमले में 18 जवान शहीद हुए हैं। एक जवान की मौत सोमवार को इलाज के दौरान हुई। 13 की मौत टेंट में लगी आग से जिंदा जलने से हुई थी।
- मौके पर मौजूद एक जवान के मुताबिक, आतंकी तड़के 3.30 बजे कैंप की पिछली दीवार से घुसे। 105 मिनट तक नाइट विजन से कैंप का जायजा लिया। फिर सुबह 5.15 बजे फ्यूल टैंक से डीजल भर रहे निहत्थे जवानों पर धावा बोल दिया। 3 मिनट में 17 ग्रेनेड दागे। हमले से 150 मीटर इलाके में फैले टेंट और बैरकों में आग लग गई।
- 19 साल के डोगरा रेजिमेंट के जवान ने एक आतंकी को मार गिराया। बाकी तीन बुरी तरह जख्मी थे। उस जवान के हेल्मेट पर भी गोली लग चुकी थी। उसे साथी जवानों ने बाहर निकाला।
- आर्मी बेस के अंदर डीजल टैंक में धमाका होते ही आतंकवादी अलग-अलग होकर बैरकों में घुस गए।
- बैरक खाली थे। आतंकी वहां दूसरे फ्लोर तक पहुंच गए। बाद में हेलिकॉप्टर से पहुंचाए गए 4 पैरा कमांडो ने तीन आतंकियों को मार गिराया।
जंग की तैयारी से आए थे आतंकी
- डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन ले. जनरल रणबीर सिंह ने बताया कि आतंकवादी जंग जैसी तैयारी करके आए थे।
- ''उनके पास चार एके-47, चार अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर और भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला है। उनके पास आग लगाने वाले हथियार भी थे।''
- कैंप से छह किलोमीटर दूर झेलम से लगते सलामाबाद नाले से आतंकी दाखिल हुए थे।

Source: Bhaskar

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